शासकीय लाल चक्रधर शाह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबागढ़ चौकी में रजत जयंती वर्ष पर हुआ आयोजन
शासकीय लाल चक्रधर शाह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबागढ़ चौकी में रजत जयंती वर्ष पर हुआ आयोजन

छत्तीसगढ़ @50 एवं विकसित छत्तीसगढ़ @2047 विषय पर संगोष्ठी आयोजित
अंबागढ़ चौकी:-
शासकीय लाल चक्रधर शाह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबागढ़ चौकी में प्राचार्य डॉ. के.आर. मंडावी के मार्गदर्शन में महाविद्यालय की रजत जयंती वर्षगांठ के उपलक्ष्य में “छत्तीसगढ़ @50 एवं विकसित छत्तीसगढ़ @2047” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खैरागढ़ के प्रख्यात साहित्यकार एवं मंडई (बिलासपुर) तथा सापेक्ष (दुर्ग) पत्रिकाओं के संपादक डॉ. जीवन यदु रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. के.आर. रावटे (सहायक प्राध्यापक, इतिहास, शा. नवीन महाविद्यालय चिल्हाटी), शिक्षाविद् डी.के. राम और पी.एल. साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक जे.आर. परतेती ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ी महतारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा राजकीय गीत के साथ हुई। तत्पश्चात अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के संयोजक एवं वनस्पति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. जे.पी. सूर्यवंशी ने स्वागत भाषण के साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति, तीज-त्यौहार एवं परंपराओं पर आधारित अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की।
अपने संबोधन में परतेती ने छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि पी.एल. साहू (सेवानिवृत्त प्राचार्य, समाजसेवक एवं इतिहासकार) ने भारतीय रेल पर लिखी अपनी पुस्तक मुख्य अतिथि को भेंट की और अंबागढ़ चौकी, राजनांदगांव, कवर्धा, भिलाई स्टील प्लांट, बस्तर सहित प्रदेश की ऐतिहासिक एवं औद्योगिक उपलब्धियों का उल्लेख किया। डी.के. राम ने ध्यान साधना, संतुलित भोजन और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तथा अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़े प्रेरक प्रसंग साझा किए। वहीं डॉ. रावटे ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से नए राज्य के निर्माण की यात्रा को विस्तार से रखा।

मुख्य अतिथि डॉ. जीवन यदु ने अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने पंडवानी और महाभारत के भेद स्पष्ट करते हुए छत्तीसगढ़ी संस्कृति में प्रचलित लोककथाओं – मंगरोहण, मेड़वा, द्रोपदी स्वयंवर, गांधारी की आंखों पर पट्टी – पर रोचक चर्चा की। साथ ही उन्होंने साहित्यकार पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी के योगदान को भी स्मरण किया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक पंकज कुमार ने छत्तीसगढ़ी भाषा में सरस शैली में किया। आभार प्रदर्शन अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. एन.के. कुर्रे द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की सफलता में राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष ए.एल. चंद्रभास, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष ओ.पी. राणा, रसायन विभागाध्यक्ष डॉ. मेमन साहू, भौतिक विभागाध्यक्ष डी.के. बंजारे, गणित विभागाध्यक्ष एस.के. देवांगन तथा अन्य प्राध्यापकों का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर लाभान्वित हुए।
