गुड सेमेरिटन कानून पर बारीकी से नज़र, जब भी संभव हो दयालु बनें, यह हमेशा मुमकिन है– दलाई लामा

नई दिल्ली. जब लोग बिना किसी स्वार्थ के ज़रूरतमंदों की मदद करते हैं, तो इसी भाव को परोपकार कहा जाता है. एक अच्छा व्यक्ति वही होता है जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में अपने किसी भी निजी स्वार्थ से हटकर दूसरों की मदद करता है. हम सभी ने अपने जीवन में कभी न कभी ऐसे व्यक्ति देखे होंगे, जिन्होंने बिना किसी लाभ के लोगों की सहायता की. भारत में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चौंकाने वाले हैं, यहां साल 2022 में 4.61 लाख सड़क दुर्घटनाएं हुई जिनमें 1.68 लाख लोगों ने अपनी जान गवां दी. भारत के विधि आयोग के मुताबिक, अगर समय पर प्राथमिक चिकित्सा दी जाती तो इनमें से 50 फ़ीसदी लोगों की जान बचाई जा सकती थी.

हर घंटे 21 लाख रुपये कमाता है यह भारतीय, एकसाथ यूज करता है 20 स्मार्टफोन, दुनियाभर में नाम का जलवा
भारत को 2011 का वर्ल्ड कप जिताने वाले ‘गुरु गैरी’ अब कहां हैं? ड्रग्स की लत से परेशान…
India vs England: सरफराज खान और ध्रुव जुरेल ने किया डेब्यू, प्लेइंग XI में 4 बदलाव के साथ उतरा भारत