जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में जाति प्रमाण पत्र पर फिर विवाद तेज
जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में जाति प्रमाण पत्र पर फिर विवाद तेज

3 दिसम्बर को मुख्यमंत्री से अंबागढ़ चौकी में सीधा सवाल
अंबागढ़ चौकी:-
जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की पंचायत राजनीति में जाति प्रमाण पत्र को लेकर एक बार फिर सरगर्मी बढ़ गई है। ताजा मामला ग्राम पंचायत कोर्चाटोला का है, जहाँ ग्रामीणों ने सरपंच नीलिमा ठाकुर के जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों द्वारा सरपंच के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि नीलिमा ठाकुर ने चुनाव लड़ने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी वैध जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तहसीलदार अंबागढ़ चौकी ने जांच की, जिसकी रिपोर्ट सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त की गई।

जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि सरपंच नीलिमा ठाकुर द्वारा जाति प्रमाण पत्र संबंधी कोई भी वैध छत्तीसगढ़ राज्य का दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों के आरोपों को मजबूती मिली है और पंचायत चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों का कहना है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। जिले के कई अन्य पंचायतों में भी ऐसे ही प्रकरण सामने आ रहे हैं, जहाँ जनप्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के बजाय अन्य राज्यों से जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की बातें उजागर हो रही हैं। इससे न केवल आरक्षित वर्ग के स्थानीय प्रत्याशियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के नियम स्पष्ट रूप से यह कहते हैं कि छत्तीसगढ़ में आरक्षित वर्ग के तहत चुनाव लड़ने के लिए संबंधित वर्ग का प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी होना अनिवार्य है। अन्य राज्यों से जारी प्रमाण पत्र मान्य नहीं माने जाते।
कोर्चाटोला की इस जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में शीघ्र और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे विवाद न हों तथा वास्तविक पात्रों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
