आपातकाल: लोकतंत्र के खिलाफ कांग्रेस का काला अध्याय:गजेन्द्र मंडावी
आपातकाल: लोकतंत्र के खिलाफ कांग्रेस का काला अध्याय:गजेन्द्र मंडावी

अम्बागढ़ चौकी:-
जिला भाजपा सोशल मीडिया प्रभारी गजेंद्र मंडावी ने 25 जून 1975 के आपातकाल की 50वीं बरसी पर कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान की रक्षक नहीं, बल्कि भक्षक रही है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सत्ता छिन जाने के डर से अनुच्छेद 352 का दुरुपयोग करते हुए आपातकाल लगाया और लोकतंत्र की मर्यादा को तार-तार किया।
अवैध आपातकाल और संविधान का अपमान
गजेंद्र मंडावी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर चुनाव लड़ने से प्रतिबंध लगाया था, लेकिन सत्ता के नशे में उन्होंने आपातकाल लगाकर विपक्ष की आवाज को कुचलने का असंवैधानिक कार्य किया। विपक्षी नेताओं को जेल में डालकर प्रताड़ित किया गया और प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा दिया गया। आम नागरिकों पर अत्याचार करते हुए संजय गांधी के नेतृत्व में नसबंदी जैसे अमानवीय कार्यक्रम चलाए गए।
कांग्रेस का संविधान खतरे में होने का दावा झूठा
उन्होंने कहा कि वही कांग्रेस आज “संविधान खतरे में है” का भ्रम फैला रही है। कांग्रेस ने 2024 के चुनाव के दौरान प्रचार किया कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार चुने गए तो संविधान बदल देंगे। मंडावी ने सवाल किया कि क्या जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, ट्रिपल तलाक कानून लाना या समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना संविधान बदलने के समान है?
आपातकाल: सत्ता के लालच की पराकाष्ठा
भारतीय संविधान में लोकसभा का कार्यकाल 5 वर्षों का है, लेकिन सत्ता के लालच में कांग्रेस ने 22 महीने तक चुनाव टालकर आपातकाल थोपा। इस दौरान देशवासियों के अधिकार छीने गए और लोकतंत्र की हत्या की गई। मंडावी ने कहा कि भारतीय जनता कभी कांग्रेस को उसके इस पाप के लिए माफ नहीं करेगी।
संविधान का सम्मान सर्वोपरि
उन्होंने भाजपा सरकार की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान के प्रति निष्ठा दिखाते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए, जो देशहित में हैं। मंडावी ने कहा कि कांग्रेस को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए और लोकतंत्र के नाम पर ढोंग बंद करना चाहिए।
